नई दिल्ली। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण मंजूरी नहीं मिल सकी। विधेयक के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 मत पड़े। संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक 2026 के सदन में खारिज होने के कारण परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 सहित अन्य दो विधेयकों को पारित करने के लिए पेश नहीं किया गया।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार लोकसभा और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। वे लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इन विधेयकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 2029 के लोकसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ संपन्न हों।
उन्होंने कहा कि देश को उत्तर-दक्षिण के आधार पर विभाजित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि लक्षद्वीप जैसे छोटे केंद्र शासित प्रदेश को भी उत्तर प्रदेश, गुजरात और बिहार के समान अधिकार प्राप्त हैं।
विपक्षी गठबंधन की आलोचना करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण के लिए संवैधानिक संशोधन का किसी ने विरोध नहीं किया, लेकिन विपक्ष के सभी सदस्यों ने स्पष्ट रूप से महिलाओं के लिए आरक्षण का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ही 1972 में परिसीमन प्रक्रिया को बाधित किया था और अब वही इसका विरोध कर रही है। श्री शाह ने स्पष्ट किया कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को मान्यता नहीं देता है।
लोकसभा और विधानसभा में एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से लाया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 आज सदन में पारित नहीं हो सका। लोकसभा में उपस्थित कुल 489 सदस्यों में से विधेयक को दो तिहाई बहुमत 326 सांसदों का समर्थन नहीं मिल सका। विधेयक पर मतदान के दौरान 298 सांसदों ने इसके पक्ष में और 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मतदान के परिणाम घोषित करते हुए कहा कि इस विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक बहुमत प्राप्त नहीं होने के कारण इसे आगे बढ़ाना संभव नहीं है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 सहित अन्य दो विधेयक संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन दोनों विधेयकों को पारित करने के लिए पेश नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं को आरक्षण देने का ऐतिहासिक अवसर गवां दिया है।
लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं, पक्ष में 298 और विरोध में 230 मत पड़े
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