नैनीताल। हाईकोर्ट ने हरिद्वार में प्रसिद्ध चंडी मंदिर का प्रबंधन अगले आदेश तक बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को सौंपते हुए मंदिर के चढ़ावे की चोरी हुई रकम के मामले में रीना बिष्ट के अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद उसे अग्रिम जमानत दी है साथ ही उसे सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई में वीसी के माध्यम से हरिद्वार के डीएम और एसएसपी भी उपस्थित हुए। रीना बिष्ट ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दायर कर कहा था कि थाना श्यामपुर, हरिद्वार में शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया था कि चंडीघाट हरिद्वार निवासी रोहित गिरी (चंडी मंदिर का तत्कालीन महंत) के साथ शिकायत कर्ता का विवाह हुआ था। अगस्त 2021 में रोहित गिरी ने बताया कि आज मन्दिर में तुम्हारी बडी बहन की पुरानी परिचित रीना बिष्ट आई थी। उसने बताया कि उसकी पहली लव मैरिज गुमानीवाला ऋषिकेश के प्रतिष्ठित भटट परिवार में हुई थी किन्तु पति ने बिना तलाक के ही प्रार्थिनी को मार पीट कर छोड़ दिया जिस कारण वह मजबूरी में दिल्ली में काम करने चाली गई जहां तलाकशुदा एमबीबीएस डाक्टर से उसने विवाह कर लिया। उसके दूसरे पति ने भी उसे उपेक्षित करके रखा हुआ है। उसकी दयनीय हालत देखकर मैने उसे तुम्हारा फोन नम्बर दिया है। फोन पर रीना बिष्ट ने भी यही सब कहा जिस पर रीना बिष्ट को उसने घर पर रख लिया। 2022 में प्रार्थिनी को एक डायरी मिली जिसमें रोहित गिरी की हैंड राइटिंग में रीना के नाम पांच लाख पचास हजार रूपये की एफडी बनाने की बात लिखी थी।
पूछने पर रोहित गिरी ने कहा कि रीना ने मेरे साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाकर वीडियो बना लिया था इस कारण उसे पैसे दे रहा था। जनवरी 2025 में रीना व रोहित ने अपने अवैध रिश्ते से अपनी बेटी को जन्म दिया। इस बीच 14 मई 2025 को पंजाब पुलिस ने रोहित गिरी को किसी महिला के साथ छेडखानी के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इसका फायदा उठाकसर प्रार्थिनी को मन्दिर के चढ़ावे की लूट के फर्जी मामले में फंसाने का डर दिखाकर प्रार्थिनी से मॉ चण्डी देवी के आजीवन ट्रस्टी के पद से त्यागपत्र जबरन लेने व रोहित गिरी को तुरन्त तलाक देने का दबाव बनाया और अपने सहयोगियों से मिलकर मन्दिर की सम्पत्ति को खुर्दबुर्द करने का आपराधिक षड़यंत्र रचा। प्रार्थिनी के भाई के होली ऐंजल स्कूल के बच्चों से प्राप्त फीस की धनराशि के साथ बैंक से निकाले धन कुल सवा चार लाख रूपयो को हल्ला मचा कर मन्दिर के लाखो रूपये की लूट बताने लगे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने रीना की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए मंदिर का प्रबंधन फिलहाल बीकेटीसी को सौंपने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक चंडी मंदिर को बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को सौंपा
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