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Wednesday, January 21, 2026


कांग्रेस के हंगामे के बीच दूसरे दिन ही सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में 19 अगस्त से शुरू हुआ विधानसभा का मॉनसून सत्र दूसरे दिन 20 अगस्त को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। विधानसभा मॉनसून सत्र का दूसरा दिन भी पहले दिन की तरह की हंगामेदार रहा। विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा। इसी बीच सरकार की ओर से 9 विधेयक और 5,315.89 करोड़ का अनुपूरक बजट पास करवा लिया गया है।  पहले दिन सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद से जारी विपक्षी विधायकों का धरना रात को भी चला।  आज सुबह भी विपक्ष का धरना जारी रहा। सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद भी विपक्ष नहीं माना है। सरकार से विपक्षी तीन मांगें कर रहा था जिसमें जिला अधिकारी नैनीताल का तबादला, एसएसपी का निलंबन और कांग्रेस नेताओं पर लगे से मुकदमा वापसी शामिल है।
सत्र के पहले दिन यानी मंगलवार को विधानसभा में 9 विधेयक पेश किए गए। जिनमें धर्मांतरण विरोधी विधेयक, अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक और 5,315 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट भी शामिल है। वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने पंचायत चुनावों में कथित धांधली और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हंगामा किया, लेकिन उनके हंगामे के बीच बजट और विधेयक पेश किए गए। वहीं, आज सभी विधेयक पास कर दिए गए हैं।
दरअसल, गैरसैंण मानसून सत्र के पहले दिन सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता यशपाल आर्य और कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में कथित धांधली एवं बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर नियम 310 के तहत तत्काल चर्चा की मांग की। जिसका अन्य विपक्षी सदस्यों ने भी समर्थन किया। इसके बाद सभी विपक्षी विधायक नारेबाजी करने लगे। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने विपक्षी विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने का अनुरोध किया।
विपक्षी सदस्य लगातार नारे लगाते रहे। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी। जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो विपक्षी नेताओं ने फिर हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने विधानसभा सचिव की टेबल पलटने की कोशिश की। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कार्यवाही को फिर स्थगित कर दिया।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा। विपक्षी सदस्यों ने फिर से विधानसभा सचिव की मेज पलटने की कोशिश की। इतना ही नहीं उन्होंने कागज फाड़कर अध्यक्ष के आसन के सामने हवा में उछाल दिए। साथ ही माइक को उठाकर पटक दिया। इस पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही फिर स्थगित कर दी, जिसके चलते प्रश्नकाल के लिए आवंटित समय हंगामे के कारण पूरी तरह बाधित हो गया।
इस तरह से सदन की कार्यवाही चार बार स्थगित हुई। सदन स्थगित होने के बाद भी नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में विपक्षी सदस्य, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के आसन के सामने बैठे रहे और नारे लगाते रहे। हालांकि, दिन की कार्यवाही के दौरान राज्य सरकार उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक और उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक समेत 8 विधेयक पेश करने में सफल रही। इसके साथ ही 5,315 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट भी पेश किया गया। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले पूर्व कांग्रेस विधायकों ने पंचायत चुनावों में कथित धांधली और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ विधानसभा के बाहर धरना भी दिया। वहीं, विपक्षी विधायक विधानसभा सदन से बाहर नहीं निकले। विपक्षी विधायकों ने भराड़ीसैंण विधानसभा भवन के अंदर धरना देते हुए पूरी रात सदन में ही गुजार दी।

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