19.9 C
Dehradun
Tuesday, March 31, 2026


spot_img

दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के प्रतीकात्मक मंदिर निर्माण का तीर्थपुरोहितों ने किया विरोध

देहरादून/केदारनाथ। दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के प्रतीकात्मक मंदिर निर्माण को लेकर तीर्थपुरोहितों, हक-हकूकधारी, साधु-संतों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश बना हुआ है। रविवार को ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने धरना प्रदर्शन किया। वहीं, केदारनाथ धाम में भी तीर्थ पुरोहितों ने नारेबाजी की। इससे पहले शनिवार को भी तीर्थपुरोहितों ने केदारनाथ में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी सहित अन्य विद्वानजनों ने भी इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पूर्व विधायक व भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ने भी निर्माण का विरोध किया। मंदिर परिसर में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी के साथ कहा कि दिल्ली में जिस किसी के द्वारा भी केदारनाथ मंदिर का प्रतीकात्मक निर्माण किया जा रहा है, वह सनातन धर्म का सीधा विरोध है। कहा कि सदियों से बाबा केदार के दर्शनों के लिए देश-विदेश के श्रद्धालु हिमालय क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आदिगुरु शंकराचार्य ने केरल से केदारनाथ पहुंचकर यहां निर्मित पांडवकालीन मंदिर का पुनरोद्धार कर पूजा-पद्वती की व्यवस्था तय की थी, जिसका आज भी प्राचीन परंपरा के साथ निर्वहन हो रहा है। तीर्थपुरोहित विनोद शुक्ला, उमेश पोस्ती, किशन बगवाड़ी, अंकुर शुक्ला, नवीन शुक्ला, पंकज शुक्ला का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली पहुंचकर केदारनाथ मंदिर के प्रतीकात्मक मंदिर निर्माण के शिलान्यास में भाग लिया है, जो पूरी तरह से अनुचित है। उन्हें इस निर्माण का विरोध करना चाहिए था, लेकिन मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार भी नहीं चाहती है कि केदारनाथ धाम में श्रद्धालु पहुंचे। तीर्थपुरोहितों ने कहा कि जब तक दिल्ली में मंदिर का निर्माण कार्य बंद नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। केदारनाथ मंदिर भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक है। ऐसे में इस दिव्य धाम का प्रतीकात्मक निर्माण संभव नहीं है। कहा कि जो लोग इस तरह का कृत्य कर रहे हैं, बाबा केदार उनकी बुद्धि को ठीक करें। धाम में प्रदर्शन व नारेबाजी करने वालों में कई यात्री भी शामिल थे। केदारनाथ विधानसभा की पूर्व विधायक व भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि केदारनाथ मंदिर धाम दिल्ली ट्रस्ट द्वारा कराए जा रहे मंदिर निर्माण पर शीघ्र प्रतिबंध लगना चाहिए। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। बाबा केदार की यात्रा से प्रतिवर्ष केदारघाटी सहित देवभूमि उत्तराखंड के अन्य स्थानों के हजारों परिवारों की आजीविका को भी बल मिलता है। कहा कि केदारनाथ मंदिर का प्रतीकात्मक निर्माण किसी भी स्थिति में मंजूर नहीं है। यह सीधे-सीधे करोड़ों शिव भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

लॉ एंड ऑर्डर पर सीएम धामी सख्त, अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

0
देहरादून। देहरादून में हाल ही में हुई कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त रुख...

उत्तराखंड में नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें, नियामक आयोग ने खारिज किया दर बढ़ोत्तरी का...

0
देहरादून। चुनावी साल में उत्तराखंड की जनता को बड़ी राहत मिली है। बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी के प्रस्ताव के बीच नियामक आयोग ने...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयास रंग लाए, ऋषिकेश बाईपास 4-लेन के लिए 1105...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर प्रयासों और प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क...

मुख्य सचिव ने ली सचिवालय में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर बैठक, रोड रेज...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में शहर में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों...

हरित अमोनिया समझौते स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम:  जे.पी....

0
नई दिल्ली। रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा है कि हरित अमोनिया समझौते आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण और देश के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन...