नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खेत बचाओ अभियान में खेतों, किसानों और गांवों को जोडते हुए इसे व्यापक राष्ट्रीय अभियान बनाया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने नई दिल्ली में खेत बचाओ अभियान की तैयारियों के संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह टिप्पणी की। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य ध्यान उर्वरकों का संतुलित और उचित प्रयोग, मौसम की चुनौतियों के मद्देनजर किसानों को समय पर परामर्श, पंचायत स्तर पर किसानों की सक्रिय भागीदारी तथा गांवों को सीधे योजनाओं के लाभ पर केंद्रित होना चाहिए।
श्री चौहान ने अधिकारियों को खेत बचाने, संतुलित लागत और किसानों को समय पर तथा सही निर्देश उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अभियान की मजबूत नींव रखी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को इस अभियान के अंतर्गत कृषि मशीनों का वितरण और पंचायत स्तर पर योजनाओं तथा सरकारी कार्यक्रमों के लाभ भी शामिल करने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग को न्यूनतम करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
श्री चौहान ने कहा कि यह अभियान केवल विभाग के स्तर पर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अनुरोध किया जाएगा और मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरीके से राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय ऊर्जा इस अभियान से जुड सकेंगे।
खेत बचाओ अभियान देशभर में सोमवार से 30 जून तक चलाया जाएगा।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि कृषि विज्ञान केंद्र इस अभियान के समन्वयक होंगे। मंत्रालय के अनुसार अभियान के लिए एक हजार छह सौ से अधिक टीमें गठित की गई हैं। इसके अलावा, उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग करने वाले एक सौ जिलों के लिए पांच सौ टीम बनाई गई हैं।

















