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Thursday, January 8, 2026


गांव के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगा वीबी-जी राम जी अधिनियमः मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय में मीडिया से वार्ता करते हुए विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह नया अधिनियम केवल मनरेगा का नाम बदलना नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार नीति की संरचनात्मक पुनर्रचना है। जिससे कि ग्रामीण क्षेत्र एवं इकाइयां मजबूत हो सकेंगी। उन्होंने इसे गांव को विकसित बनाने के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम किसानों को सुरक्षा, श्रमिकों को रोजगार, महिलाओं को सम्मान, गांवों का विकास और विकसित गाँव के माध्यम से विकसित भारत के लिए मजबूत नींव बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी, विकास आधारित गारंटी प्रदान के साथ अब ग्रामीण परिवारों को 100 की जगह 125 दिन के रोजगार का अधिकार प्रदान करेगा। जो पहले  से 25 प्रतिशत अधिक होगा। इसके तहत 15 दिन में काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अनिवार्य रूप से दिए जाने की व्यवस्था बनाई गई है, साथ ही इसके लिए अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की गई है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत दिए जाने भुगतान साप्ताहिक होगा और विलंब होने पर मुआवजे का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी के तहत होने वाले कार्यों में तकनीक आधारित पारदर्शिता रखी गई है। इसमें बायोमेट्रिक हाजिरी,  जियो-टैगिंग और जीआईएस मैपिंग, मोबाइल ऐप और सार्वजनिक डैशबोर्ड, एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन, साल में दो बार अनिवार्य सोशल ऑडिट जैसे विभिन्न तकनीकों के प्रयोग का प्रावधान किया गया है। इन सभी तकनीकों का प्रयोग इस योजना को भ्रष्टाचार-मुक्त रोजगार गारंटी योजना बनाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी में  किसान हितों की स्पष्ट रूप से सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। खेती के बुवाई और कटाई के मौसम में अधिकतम 60 दिन तक योजना के काम कानूनी रूप से रोके जा सकेंगे। जिससे किसानों को मजदूरों की कमी नहीं होगी एवं खेती की लागत भी नहीं बढ़ेगी साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था संतुलित रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी के तहत ग्राम पंचायत और ग्राम सभा को असली ताकत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा इस योजना में काम थोपे नहीं जाएंगे बल्कि विकास कार्यों का चिन्हीकरण ग्राम सभा द्वारा ही तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कम से कम 50 प्रतिशत कार्य सीधे ग्राम पंचायतों के स्तर पर कराए जा सकेंगे। इसके तहत जॉब कार्ड, पंजीकरण, योजना निर्माण जैसे कार्य ग्राम सभा के स्थानीय स्तर पर तय होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा वीबी-जी राम जी के तहत काम की गुणवत्ता और उपयोगिता का विशेष प्रावधान रखा गया है। इसके तहत अब जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका परिसंपत्तियाँ, आपदा प्रबंधन के अंतर्गत आने वाले कामों को किया जाएगा। जिसमें मुख्य रूप से तालाब, चेकडैम, स्टॉपडैम, सड़क, नाली, स्कूल, अस्पताल, एसएचजी शेड, स्किल सेंटर, हाट, रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज, पिचिंग जैसे कार्य होंगे। इससे सबको काम भी मिलेगा और गाँव भी मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा वीबी-जी राम जी के तहत महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी बहनों के लिए स्किल सेंटर, शेड निर्माण, ग्रामीण हाट आदि बनाए जाएंगे जिससे महिलाओं को गाँव में ही रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी के अंतर्गत प्रशासनिक ढांचे को मजबूती प्रदान की गई है। उन्होंने कहा ग्राम रोजगार सहायक, फील्ड असिस्टेंट, तकनीकी सहायक आदि इस योजना की रीढ़ हैं। इनके प्रशिक्षण, मानदेय और निगरानी के लिए प्रशासनिक खर्च 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है। जिसके कारण काम की गुणवत्ता बढ़ेगी, भुगतान समय पर होगा एवं निगरानी मजबूत हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा वीबी-जी राम जी के अंतर्गत निष्पक्ष वित्तीय प्रबंधन पर भी ध्यान दिया गया है। इसमें सामान्य राज्यों के लिए 60ः40 का अनुपात एवं हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90ः10 का अनुपात किया गया है। इसके तहत अब स्पष्ट वार्षिक बजट का प्रावधान होगा जिसमें पहले अनिश्चितता रहती थी। मुख्यमंत्री ने कहा इस अधिनियम के अंतर्गत उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य को केंद्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत वित्तीय सहयोग मिलेगा, जिससे राज्य पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास और तेज़ी से होगा।
पर्वतीय और आपदा-संवेदनशील राज्य के रूप में उत्तराखंड में जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण अवसंरचना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह अधिनियम उत्तराखंड के गाँवों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के साथ ही ग्रामसभाओं के विकास को और मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसबीआई द्वारा किए गए विश्लेषण के अनुसार इस अधिनियम से राज्यों को करीब 17,000 करोड़ का शुद्ध लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा यह योजना गरीब-विरोधी नहीं, बल्कि गरीबी के मूल कारणों पर प्रहार है। मुख्यमंत्री ने कहा श्रमिकों को ज्यादा दिन का काम मिलेगा, तय समय पर वेतन मिलेगा, कानूनी जवाबदेही तय और तकनीक आधारित पारदर्शिता होगी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विधायक दलीप रावत मौजूद रहे।

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