16.4 C
Dehradun
Saturday, February 21, 2026


spot_img

उत्तराखण्ड के तीन एनसीसी कैडेट्स ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर किया आरोहण

देहरादून। साहस, दृढता और अनगिनत चुनौतियों को पार करने की अदभुत मिसाल पेश करते हुए उत्तराखण्ड के तीन युवा राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट्स ने दुनिया की सबसे ऊॅंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण की है। इन युवाओं ने यह ऐतिहासिक  उपलब्धि 18 मई 2025 को प्राप्त की जो यह सिद्ध करती है कि जब सपनों में विश्वास और कठिन परिश्रम होता है तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। इन साहसी युवा पर्वतारोहियों-कैडेट वीरेन्द्र सामन्त, 29 उत्तराखण्ड वाहिनी राष्ट्रीय कैडेट कोर, देहरादून, कैडेट मुकुल बंगवाल, 4 उत्तराखण्ड वाहिनी राष्ट्रीय कैडेट कोर, पौडी, कैडेट सचिन कुमार, 3 उत्तराखण्ड वाहिनी राष्ट्रीय कैडेट कोर, उत्तरकाशी ने दुनिया की सबसे ऊॅंची पर्वत चोटी पर चढ़ाई कर न केवल अपने व्यक्तिगत साहस को परखा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारत के युवा अगर ठान लें तो कोई भी चुनौती उनके रास्ते में नहीं आ सकती।
इस सफलता पर कैडेट वीरेन्द्र सामन्त ने कहा कि यह हमारी जीत नहीं है, यह हर उस युवा की जीत है जो सपने देखता है। हमने कड़ी चुनौतियों का सामना किया लेकिन हर कदम पर हमें अपने आप पर, अपनी टीम पर और इस सपने को पूरा करने पर विश्वास था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा कैडेट्स को उनकी सफलता पर बधाई देते हुये उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल इन कैडेट्स की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की है। उनका साहस और समर्पण देश के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उनकी सफलता एन0सी0सी के मूल्यों, अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास का प्रतीक है।
उत्तराखण्ड एन0सी0सी0 के अपर महानिदेशक, मेजर जनरल रोहन आनन्द, सेना मेडल ने कहा कि यह अभियान एन0सी0सी0 के द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को साहसिक खेलों, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रेरित करना है। इस कठिन यात्रा में इन कैडेट्स ने न केवल विपरीत मौसम का सामना किया, बल्कि मानसिक और शारीरिक थकावट को भी पार किया।  फिर भी उनके अथक प्रयासों और टीमवर्क ने उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि एन0सी00सी0 में हम हमेशा कहते हैं कि नेतृत्व कठिन समय में ही पैदा होता है।  इन युवा पर्वतारोहियों ने इस सिद्धांत को अपने कार्यों से साबित किया है। इन कैडेट्स ने जो किया है वह भावी पीढ़ी को प्रेरित करेगा, ताकि वे अपने डर को पार कर सकें और असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकें। उन्होंने कहा, यह सफलता सिर्फ इन कैडेट्स की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की है। उनकी यात्रा हमारे युवा शक्ति, एकता की ताकत और असंभव को संभव बनाने की अदम्य इच्छा का प्रतीक है। इस यात्रा में इन कैडेट्स को अनुभवी पर्वतारोहियों, प्रशिक्षकों और एन0सी0सी0 के मार्गदर्शकों का पूरा सहयोग प्राप्त था। इसके अलावा, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड, भारतीय सेना की पर्वतारोहण टीम और स्थानीय संगठनों ने इस अभियान की सफलता में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

विधानमंडल से 9.12 लाख करोड़ का बजट हुआ पारित, UP सरकार ने विनियोग सहित...

0
लखनऊ। योगी सरकार ने शुक्रवार को अपना 10वां बजट विधानमंडल के दोनों सदनों से पारित करा लिया। यह बजट कुल 9,12,696.35 करोड़ रुपये का...

ट्रंप पर भारी पड़ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला, मिड-टर्म चुनाव में दिख...

0
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में टैरिफ को केंद्र में बना रखा है और दूसरे देशों के साथ...

इंडिया एआई समिट की बड़ी कामयाबी: होगा 250 अरब डॉलर का निवेश, 70 से...

0
नई दिल्ली: इंडिया एआई समिट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 250 अरब डॉलर का निवेश हासिल हुआ है और 'दिल्ली घोषणापत्र' पर 70 देशों ने...

परिवहन सुधारों में उत्तराखण्ड को बड़ी उपलब्धि, केन्द्र से 125 करोड़ की प्रोत्साहन राशि...

0
देहरादून। उत्तराखण्ड में परिवहन क्षेत्र में किए जा रहे व्यापक सुधारों को केन्द्र सरकार ने सराहते हुए पूंजीगत निवेश योजना 2025-26 के अंतर्गत राज्य...

5 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान

0
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चला ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान 45 दिन की अवधि के बाद शुक्रवार को...