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Thursday, August 20, 2026


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शिक्षा विभाग में बैक डेट में हुए आदेश, मुख्य शिक्षा अधिकारी निलम्बित

देहरादून: उत्तराखंड शिक्षा विभाग से बड़ी ख़बर सामने आ रही है। शिक्षा विभाग में बैक डेट पर नियुक्ति पत्र जारी वाले मुख्य शिक्षा अधिकारी निलम्बित हो गए हैं। प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार (जिला शिक्षा अधिकारी, प्रा०शि०, रुद्रप्रयाग) विद्याशंकर चतुर्वेदी के विरुद्ध उत्तराखण्ड राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू होने के उपरान्त मुख्य शिक्षा अधिकारी, कार्यालय, हरिद्वार में पूर्वतिथि (Back Date) में अध्यापकों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने तथा समायोजन की कार्यवाही किए जाने के दृष्टिगत जिलाधिकारी जिला निर्वाचन अधिकारी हरिद्वार द्वारा अपने पत्रांक-02/मु०वै०अधि/जि०अधिo / 2022 दिनांक 09.01.2022 के साथ संलग्न मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार के पत्र संख्या 4051 / पी०ए०-2022 दिनांक 09.01.2022 द्वारा जांच आख्या उपलब्ध करायी गयी है तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होने का उल्लेख करते हुए शासन से मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार के निलम्बन तथा उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने की प्रबल संस्तुति की गयी है।

सचिव शिक्षा ने आदेश में लिखा है कि उपरोक्त के आलोक में विद्याशंकर चतुर्वेदी, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार (जिला शिक्षा अधिकारी, प्रा०शि० रूद्रप्रयाग) की प्रथम दृष्टया संदिग्ध भूमिका एवं आरोप की गम्भीरता के दृष्टिगत चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। निलम्बन अवधि में चतुर्वेदी को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2 भाग 2 से 4 के मूल नियम-53 के प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अद्भवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर मंहगाई भत्ता, यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है, भी अनुमन्य होगा, किन्तु ऐसे अधिकारी को जीवन निर्वाह के साथ कोई मंहगाई भत्ता देय नहीं होगा, जिन्हें निलम्बन से पूर्व प्राप्त वेतन के साथ मंहगाई भत्ता अथवा मंहगाई भत्ते का उपांतिक समायोजन प्राप्त नहीं था। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होंगे, जब इसका समाधान हो जाय कि उनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके लिए उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य है। उपर्युक्त प्रस्तर में उल्लिखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा, जब श्री विद्याशंकर चतुर्वेदी इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि वे किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार, वृत्ति व्यवसाय में नहीं लगे है। विद्याशंकर चतुर्वेदी निलम्बन की अवधि में महानिदेशालय, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड, देहरादून में सम्बद्ध रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि विद्यालयी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षकों के कतिपय स्थानान्तरण इसी माह किये गये हैं जिनमें कार्यमुक्ति एवं कार्यभार ग्रहण की प्रक्रिया गतिमान है। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के दृष्टिगत चुनाव आयोग के निर्देशों के कम में किये गये स्थानान्तरण के अतिरिक्त माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षकों / प्रधानाध्यापकों/ प्रधानाचार्यों / शिक्षा अधिकारियों के समस्त स्थानान्तरण से सम्बन्धित किसी भी कार्यवाही के सम्बन्ध में चुनाव आयोग द्वारा निर्गत आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अग्रेत्तर कोई कार्यवाही न की जाय।

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