नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आज के दौर में किसी भी देश की आर्थिक और सामरिक शक्ति उसके समुद्री सामर्थ्य पर काफी हद तक निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि भारत इसे समझते हुए अपनी समुद्री क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर आज तीन स्वदेशी युद्धपोतों को भारतीय नौसेना में शामिल करने के बाद प्रधानमंत्री ने यह बात कही। इनमें अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट आई.एन.एस. दुनागिरी, बड़ा सर्वेक्षण पोत आई.एन.एस. संशोधक और पनडुब्बी रोधी युद्धपोत आई.एन.एस. अग्रय शामिल हैं।
श्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 40 से अधिक स्वदेशी युद्धपोत और पनडुब्बियां भारतीय नौसेना में शामिल की गई हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 45 बड़े नौसैनिक प्लेटफॉर्म निर्माणाधीन हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत दुनिया के सबसे बड़े रक्षा आयातकों में शामिल था। लेकिन सरकार के प्रयासों और नीतिगत सुधारों के कारण रक्षा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश का कुल रक्षा उत्पादन लगभग 40 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब एक लाख 80 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

















