23.5 C
Dehradun
Sunday, April 19, 2026


spot_img

गाड़ी चलाने वालों के लिए जरूरी खबर, अब नहीं काटने होंगे RTO के चक्कर

अब ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए आपको आरटीओ के चक्कर लगाने की और लंबी लंबी लाइनों में खड़े होने की जरुरत नहीं है। जी हां केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियमों को बेहद आसान कर दिया है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नियमों में किए गए संशोधनों के अनुसार अब आपको किसी तरह का कोई ड्राइविंग टेस्ट आरटीओ जाकर देने की जरूरत नहीं होगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने इन नियमों को नोटिफाई कर दिया है, ये नियम लागू भी हो चुके हैं। इससे ड्राइविंग लाइसेंस के लिए RTO की वेटिंग लिस्ट में पड़े हैं, बड़ी राहत मिलेगी। मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, अब ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए RTO में आपको टेस्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आप ड्राइविंग लाइसेंस के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। उन्हें ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से ट्रेनिंग लेना होगा और वहीं पर टेस्ट को पास करना होगा, स्कूल की ओर से एप्लीकेंट्स को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर एप्लीकेंट का ड्राइविंग लाइसेंस बना दिया जाएगा।

क्या कहते हैं नये नियम

ट्रेनिंग सेंटर्स को लेकर सड़क और परिवहन मंत्रालय की ओर से कुछ गाइडलाइंस और शर्तें भी हैं। जिसमें ट्रेनिंग सेंटर्स के क्षेत्रफल से लेकर ट्रेनर की शिक्षा तक शामिल है। चलिए इसको समझते हैं।

अधिकृत एजेंसी ये सुनिश्चित करेगी की दोपहिया, तिपहिया और हल्के मोटर वाहनों के ट्रेनिंग सेंटर्स के पास कम से कम एक एकड़ जमीन हो, मध्यम और भारी यात्री माल वाहनों या ट्रेलरों के लिए सेंटर्स के लिए दो एकड़ जमीन की जरूरत होगी।

ट्रेनर कम से कम 12वीं कक्षा पास हो और कम से कम पांच साल का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए, उसे यातायात नियमों का अच्छी तरह से पता होना चाहिए।

मंत्रालय ने एक शिक्षण पाठ्यक्रम भी निर्धारित किया है. हल्के मोटर वाहन चलाने के लिए, पाठ्यक्रम की अवधि अधिकतम 4 हफ्ते होगी जो 29 घंटों तक चलेगी। इन ड्राइविंग सेंटर्स के पाठ्यक्रम को 2 हिस्सों में बांटा जाएगा। थ्योरी और प्रैक्टिकल।

लोगों को बुनियादी सड़कों, ग्रामीण सड़कों, राजमार्गों, शहर की सड़कों, रिवर्सिंग और पार्किंग, चढ़ाई और डाउनहिल ड्राइविंग वगैरह पर गाड़ी चलाने के लिए सीखने में 21 घंटे खर्च करने होंगे। थ्योरी हिस्सा पूरे पाठ्यक्रम के 8 घंटे शामिल होगा, इसमें रोड शिष्टाचार को समझना, रोड रेज, ट्रैफिक शिक्षा, दुर्घटनाओं के कारणों को समझना, प्राथमिक चिकित्सा और ड्राइविंग ईंधन दक्षता को समझना शामिल होगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

पीएम नरेंद्र मोदी का चार दलों पर निशाना

0
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश की माताओं-बहनों से माफी मांगी। उन्होंने कहा, 'नारी शक्ति वंदन...

एआई गवर्नेंस के लिए विशेषज्ञ समिति गठित, नीति और नियामक निर्णयों को मिलेगा समर्थन

0
नई दिल्ली। सरकार ने हाल ही में गठित एआई गवर्नेंस एंड इकोनॉमिक ग्रुप-एआईजीईजी के कामकाज में सहयोग देने के लिए एक प्रौद्योगिकी और नीति...

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में...

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज भारत समुद्री बीमा पूल के गठन को मंजूरी दे दी। इस घरेलू बीमा पूल के लिए 12 हजार...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  कहा कि राष्ट्रहित सरकार के लिए सर्वोपरि है। राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार...

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरणः प्री ऑथराइजेशन में उत्तराखंड देशभर में टॉप

0
देहरादून। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण उत्तराखंडः नेशनल हेल्थ ऑथोरिटी से राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण उत्तराखंड के लिए अच्छी खबर आई है। देशभर के सभी राज्यों में...