27.2 C
Dehradun
Sunday, June 21, 2026


spot_img

गाड़ी चलाने वालों के लिए जरूरी खबर, अब नहीं काटने होंगे RTO के चक्कर

अब ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए आपको आरटीओ के चक्कर लगाने की और लंबी लंबी लाइनों में खड़े होने की जरुरत नहीं है। जी हां केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियमों को बेहद आसान कर दिया है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नियमों में किए गए संशोधनों के अनुसार अब आपको किसी तरह का कोई ड्राइविंग टेस्ट आरटीओ जाकर देने की जरूरत नहीं होगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने इन नियमों को नोटिफाई कर दिया है, ये नियम लागू भी हो चुके हैं। इससे ड्राइविंग लाइसेंस के लिए RTO की वेटिंग लिस्ट में पड़े हैं, बड़ी राहत मिलेगी। मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, अब ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए RTO में आपको टेस्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आप ड्राइविंग लाइसेंस के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। उन्हें ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से ट्रेनिंग लेना होगा और वहीं पर टेस्ट को पास करना होगा, स्कूल की ओर से एप्लीकेंट्स को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर एप्लीकेंट का ड्राइविंग लाइसेंस बना दिया जाएगा।

क्या कहते हैं नये नियम

ट्रेनिंग सेंटर्स को लेकर सड़क और परिवहन मंत्रालय की ओर से कुछ गाइडलाइंस और शर्तें भी हैं। जिसमें ट्रेनिंग सेंटर्स के क्षेत्रफल से लेकर ट्रेनर की शिक्षा तक शामिल है। चलिए इसको समझते हैं।

अधिकृत एजेंसी ये सुनिश्चित करेगी की दोपहिया, तिपहिया और हल्के मोटर वाहनों के ट्रेनिंग सेंटर्स के पास कम से कम एक एकड़ जमीन हो, मध्यम और भारी यात्री माल वाहनों या ट्रेलरों के लिए सेंटर्स के लिए दो एकड़ जमीन की जरूरत होगी।

ट्रेनर कम से कम 12वीं कक्षा पास हो और कम से कम पांच साल का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए, उसे यातायात नियमों का अच्छी तरह से पता होना चाहिए।

मंत्रालय ने एक शिक्षण पाठ्यक्रम भी निर्धारित किया है. हल्के मोटर वाहन चलाने के लिए, पाठ्यक्रम की अवधि अधिकतम 4 हफ्ते होगी जो 29 घंटों तक चलेगी। इन ड्राइविंग सेंटर्स के पाठ्यक्रम को 2 हिस्सों में बांटा जाएगा। थ्योरी और प्रैक्टिकल।

लोगों को बुनियादी सड़कों, ग्रामीण सड़कों, राजमार्गों, शहर की सड़कों, रिवर्सिंग और पार्किंग, चढ़ाई और डाउनहिल ड्राइविंग वगैरह पर गाड़ी चलाने के लिए सीखने में 21 घंटे खर्च करने होंगे। थ्योरी हिस्सा पूरे पाठ्यक्रम के 8 घंटे शामिल होगा, इसमें रोड शिष्टाचार को समझना, रोड रेज, ट्रैफिक शिक्षा, दुर्घटनाओं के कारणों को समझना, प्राथमिक चिकित्सा और ड्राइविंग ईंधन दक्षता को समझना शामिल होगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

कैलाश मानसरोवर यात्रा: तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे ने नाथू ला दर्रे से होते हुए...

0
नई दिल्ली।  कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 पर गये तीर्थयात्रियों का पहला जत्था आज नाथू ला दर्रे से होते हुए चीन में प्रवेश कर गया, जिससे...

विश्‍व बैंक ने जल संरक्षित हरियाणा परियोजना के लिए चार हजार करोड़ रुपये का...

0
नई दिल्ली। विश्‍व बैंक ने जल संरक्षित हरियाणा परियोजना के लिए चार हजार करोड़ रुपये का ऋण स्‍वीकृत किया है। पांच हजार सात सौ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त के रूप में 18 हजार करोड़...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुगली जिले के तारकेश्वर में ‘पश्चिमबंग दिवस’ समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री-किसान योजना की 23वीं किस्त के रूप...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर में “युवा संवाद : युवा शक्ति, उत्तराखंड की...

0
चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर, चंपावत में आयोजित “युवा संवाद : युवा शक्ति, उत्तराखंड की प्रगति” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर...

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त से उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक...

0
देहरादून। प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट देहरादून में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी...