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Sunday, April 19, 2026


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जयराम रमेश बोले-प्रियंका गांधी पर इस्राइली राजदूत की टिप्पणी अस्वीकार्य, सख्त कदम उठाए केंद्र सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को पार्टी नेता प्रियंका गांधी की गाजा संघर्ष पर की गई टिप्पणी के जवाब इस्राइली राजदूत के बयान की निंदा की। उन्होंने इस्राइली राजदूत रियूवेन अजार के शब्दों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और नरेंद्र मोदी सरकार की इस मुद्दे पर चुप्पी को नैतिक कायरता कहा। रमेश ने मांग की कि भारत सरकार को इस पर सख्त आपत्ति जतानी चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जयराम रमेश ने लिखा, कांग्रेस ने इस्राइल के भारत में राजदूत की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा गाजा में जारी नरसंहार पर जताई गई पीड़ा और दुख के जवाब में कहे गए शब्दों की निंदा की है। यह उम्मीद करना बहुत ज्यादा होगा कि मोदी सरकार इस पर कोई कड़ा कदम उठाएगी, जिसने पिछले 18 से 20 महीनों में गाजा की तबाही पर बोलने में बहुत बड़ी नैतिक कायरता दिखाई है। लेकिन हम इस टिप्पणी को पूरी तरह अस्वीकार्य मानते हैं और इसका विरोध करते हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रियंका गांधी वाड्रा ने गाजा में इस्राइली कार्रवाई को ‘नरसंहार’ बताया और कहा कि इस्राइल ने 60,000 से अधिक लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की इस मुद्दे पर चुप्पी ‘शर्मनाक’ है। प्रियंका गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा, इस्राइली राज्य नरसंहार कर रहा है। उसने 60,000 से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे हैं। उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं और अब वह लाखों लोगों को भूखा मारने की धमकी दे रहा है।
उन्होंने आगे लिखा, इन अपराधों पर चुप रहना और कुछ न करना भी एक अपराध है। यह शर्मनाक है कि जब इस्राइल यह तबाही फलस्तीनियों पर बरपा रहा है, तब भारत सरकार चुप है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने अलजजीरा के पांच पत्रकारों की हत्या की निंदा करते हुए लिखा, पांच पत्रकारों की हत्या फलस्तीनी जमीन पर किया गया एक और भयानक अपराध है। इन पत्रकारों की हिम्मत और सच्चाई के लिए लड़ने की ताकत कभी इस्राइली हिंसा से नहीं टूटेगी।
इस्राइली राजदूत रियूवेन अजार ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, शर्मनाक आपकी चालबाजी है। इस्राइल ने 25,000 हमास के आतंकियों को मारा है। उन्होंने यह भी कहा कि हमास आम नागरिकों के पीछे छिपता है और इस्राइल ने गाजा में 20 लाख टन खाद्य सामग्री भेजी है।राजदूत अजार ने लिखा, इंसानी जानों की भारी कीमत हमास की घिनौनी रणनीति की वजह से है। वे आम नागरिकों के पीछे छिपते हैं, मदद लेने वालों पर गोली चलाते हैं और रॉकेट दागते हैं। उन्होंने यह भी कहा, गाजा की आबादी पिछले 50 वर्षों में 450 फीसदी बढ़ी है, वहां कोई नरसंहार नहीं हो रहा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि हमास के आंकड़ों पर भरोसा न करें।

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