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Friday, May 8, 2026


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दिल्ली में 30 अप्रैल तक रहेगा नाईट कर्फ्यू, उत्तराखंड में भी अलर्ट |Postmanindia

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मंगलवार रात से नाइट कर्फ्यू लगाने का एलान किया गया है. इधर कोरोना के बढ़ते मामलों को देख उत्तराखंड सरकार भी पहले से ज़्यादा अलर्ट हो गई है. प्रदेश के बॉर्डर पर टेस्टिंग और सख़्ती बढ़ा दी गई है. वहीं दिल्ली में नाइट कर्फ़्यू को लेकर दिल्ली आपदा प्राधिकरण के मुताबिक, दिल्ली में आगामी 30 अप्रैल तक कर्फ्यू की समयावधि रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक तय की गई है. हालांकि इस दौरान आवश्यक गतिविधियों के लिए लोगों को छूट दी गई है. इस बारे में जानकारी साझा करते हुए दिल्ली सरकार के अधिकारी ने बताया कि ‘नाइट कर्फ्यू के दौरान जो लोग वैक्सीन लगवाने जाना चाहते हैं, उनको छूट मिलेगी. इसके अलावा जिन लोगों ने पहले से फ्लाइट, ट्रेन या बस का टिकट ले रखा है, ऐसे यात्रियों को बस-अड्डे, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर छूट दी जाएगी.

पत्रकारों के लिए ई-पास की सुविधा

प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकार ई-पास के जरिए दिल्ली में भ्रमण कर सकते हैं. इसके अलावा आईडी कार्ड दिखाने पर प्राइवेट डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को भी छूट मिलेगी. पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बस, मेट्रो आदि में भी उन्हीं लोगों को लाने-ले जाने की छूट होगी, जिन्हें नाइट कर्फ्यू के दौरान सरकार ने ये सुविधा दी है.

बस, मेट्रो, ऑटो को तय समय के दौरान उन्हीं लोगों को लाने ले जाने की इजाजत होगी, जिनको कर्फ्यू के दौरान छूट दी गई है. राशन, किराना, फल सब्जी, दूध, दवा से जुड़े दुकानदारों को ई-पास के जरिये ही मूवमेंट की छूट होगी.’

किन गतिविधियों पर रहेगी रोक

  • घूमने-फिरने पर रोक, इसके अलावा बाजार में खरीदारी पर प्रतिबंध होगा
  • अनावश्यक काम से बाहर निकले लोगों पर कार्रवाई होगी
  • फैक्टरी/कंपनियों का संचालन नहीं होगा
  • किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि नहीं होगी
  • रेस्तरां, होटल और अन्य दुकानें 10 बजे के बाद नहीं खुलेंगीं, अगले दिन सुबह 5 बजे तक बंद रखना होगा
  • धार्मिक स्थल बंद रहेंगे
  • इसके अलावा सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आयोजन पर रोक होगी
  • होटल और रेस्तरां भी 5 बजे से रात 10 बजे तक ही खुलेंगे

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में संक्रमण दर 5 प्रतिशत से ऊपर जा चुका है. बीते दिन दिल्ली में 3548 पॉजिटिव केस थे. वहीं पॉजिटिविटी दर 5.54 प्रतिशत थी. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक इसके संक्रमण दर का पांच प्रतिशत से नीचे सेफ जोन माना जाता है. उसके उपर समस्या बेकाबू मानी जाती है.

ये भी पढ़ें: भारत के 48वें मुख्य न्यायाधीश बने न्यायमूर्ति एन.वी. रमण, पढ़ें पूरी खबर

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