नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन अपराधों में तो न्यायालय उठने तक कारावास की सजा दी जा सकती है, जिनमें न्यूनतम सजा निर्धारित नहीं है, लेकिन द्विविवाह के गंभीर मामले में यह उचित सजा नहीं है। जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने कहा कि अपराधियों को सजा देना समाज को संतुष्ट करने के लिए नहीं है। सजा व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए आनुपातिकता के नियम के बारे में है।
पीठ ने कहा, जो अपराध समाज को प्रभावित कर सकता है, उनमें दोषी ठहराए जाने के बाद नाममात्र की सजा देकर अपराधी को छोड़ देना उचित नहीं है। इस मामले में न्यायालय ने एक महिला और उसके दूसरे पति को द्विविवाह करने के लिए छह-छह महीने जेल की सजा सुनाई है। हालांकि इस तथ्य को देखते हुए कि दंपती का छह साल का बच्चा है, पीठ ने सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए सजा का एक अनूठा तरीका अपनाया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि माता-पिता में से कोई एक बच्चे के साथ रहे। न्यायालय ने दूसरे पति को पहले छह महीने की सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया और उसकी सजा पूरी होने के बाद महिला को दो सप्ताह के भीतर छह महीने की जेल की सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण करने के लिए कहा है। पीठ ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था को मिसाल नहीं माना जाएगा, क्योंकि यह विशेष परिस्थितियों में आदेश दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की दो टूक-गंभीर अपराधियों को सजा देना समाज को संतुष्ट करने के लिए नहीं
Latest Articles
रामनगर-देहरादून रेल सेवा को स्वीकृति, उत्तराखंड को बड़ी सौगात
देहरादून। गढ़वाल लोक सभा सांसद अनिल बलूनी ने उत्तराखंड की रेल सेवाओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि रामनगर से...
सचिव आपदा प्रबंधन ने लिया आंधी-तूफान और बारिश से हुई स्थिति का जायजा
देहरादून। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट एवं रविवार को राज्य के विभिन्न जनपदों में आए आंधी-तूफान और बारिश के बाद सचिव आपदा प्रबंधन...
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याओं को सुना
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याओं...
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आपातकालीन संचार के लिए सेल प्रसारण प्रणाली का शुभारंभ...
नई दिल्ली। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत की आपातकालीन संचार प्रणालियों को सुदृढ़ करने और जन सुरक्षा ढांचे के विस्तार के लिए सेल...
डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम और डॉ. जोराम अनिया बने नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ० आर बालासुब्रमण्यम और डॉक्टर जोराम अनिया को नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया है। मंत्रिमंडल सचिवालय...
















