29 C
Dehradun
Saturday, July 25, 2026


spot_img

‘बांग्लादेश में ‘नरसंहार’ के लिए यूनुस जिम्मेदार’, वर्चुअल संबोधन में शेख हसीना ने किया तीखा हमला

न्यूयॉर्क: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में वर्चुअल संबोधन में देश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर ‘नरसंहार’ करने और हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। बांग्लादेश में अगस्त में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण इस्तीफा देने के बाद भारत में शरण लेने के बाद उनका यह पहला सार्वजनिक संबोधन था, हालांकि उन्होंने बांग्लादेश की समग्र स्थिति पर टिप्पणी की थी।
बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पहली बार मोर्चा संभालते हुए, देश में अल्पसंख्यकों के कथित उत्पीड़न को लेकर देश के अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस पर तीखा हमला किया है। न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में वर्चुअल संबोधन में उन्होंने मोहम्मद यूनुस पर ‘नरसंहार’ करने और हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। शेख हसीना ने यह भी दावा किया कि उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान की तरह ही उनकी और उनकी बहन शेख रेहाना की हत्या की योजना बनाई गई थी। बता दें कि, मुजीबुर रहमान की 1975 में हत्या कर दी गई थी। इस दौरान उन्होंने 5 अगस्त को ढाका में अपने आधिकारिक आवास पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा, हथियारबंद प्रदर्शनकारियों को गणभवन की ओर भेजा गया। अगर सुरक्षा गार्डों ने गोली चलाई होती, तो कई लोगों की जान जा सकती थी। यह 25-30 मिनट का मामला था, और मुझे वहां से जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। मैंने सुरक्षा गार्डों से कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, गोली न चलाएं। उन्होंने कहा, आज मुझ पर नरसंहार का आरोप लगाया जा रहा है। वास्तव में, यूनुस ने बहुत ही सोच-समझकर नरसंहार किया है। इस नरसंहार के पीछे मास्टरमाइंड – छात्र समन्वयक और यूनुस – हैं। हसीना ने कहा कि ढाका में मौजूदा सत्तारूढ़ सरकार अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में विफल रही है। ‘हिंदू, बौद्ध, ईसाई – किसी को भी नहीं बख्शा गया है। ग्यारह चर्चों को ध्वस्त कर दिया गया है, मंदिरों और बौद्ध तीर्थस्थलों को तोड़ दिया गया है। जब हिंदुओं ने विरोध किया, तो इस्कॉन नेता को गिरफ्तार कर लिया गया।
शेख हसीना ने आगे कहा, अल्पसंख्यकों पर यह अत्याचार क्यों किया जा रहा है? उन्हें बेरहमी से क्यों सताया जा रहा है और उन पर हमला क्यों किया जा रहा है? लोगों को अब न्याय का अधिकार नहीं है… मुझे कभी इस्तीफा देने का समय भी नहीं मिला। शेख हसीना ने कहा कि उन्होंने हिंसा को रोकने के उद्देश्य से अगस्त में बांग्लादेश छोड़ दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बांग्लादेश के ‘विजय दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने भाषण में अवामी लीग नेता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, जब लोग अंधाधुंध तरीके से मर रहे थे, तो मैंने फैसला किया कि मुझे देश छोड़ देना चाहिए।
बता दें कि यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया। वहीं पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय सहित अल्पसंख्यकों पर हमलों की बाढ़ आ गई है। जुलाई और अगस्त में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश छोड़ने के बाद से हसीना भारत में रह रही हैं। भारत ने पिछले सप्ताह कहा था कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, क्योंकि उसने चरमपंथी बयानबाजी और हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। नई दिल्ली ने यह भी उम्मीद जताई कि देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार चिन्मय कृष्ण दास से संबंधित मामले को न्यायसंगत, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटाया जाएगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

केंद्रीय मंत्रीमंडल ने पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक न्यायालय बनाने के लिए मसौदा विधेयक...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में फास्ट-ट्रैक न्यायालय बनाने और कड़ी सज़ा सुनिश्चित करने के लिए...

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार तक स्थगित

0
नई दिल्ली।  संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही नीट परीक्षा पेपर लीक और छात्र विरोध प्रदर्शन को लेकर लगातार पांचवें दिन भी विपक्ष के...

नेशनल परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों को किया बर्खास्त

0
नई दिल्ली। नेशनल परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और...

प्रदेश सरकार ने आईएएस अफसरों के दायित्वों में किया फेरबदल

0
देहरादून। प्रदेश सरकार ने 11 आईएएस, आईएफएस अफसरों के विभागों में फेरबदल किया है। इनमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। कार्मिक विभाग ने...

उरेड़ा का रिश्वतखोर परियोजना अधिकारी 40 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

0
देहरादून। विजिलेंस विभाग की टीम ने उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) बागेश्वर में तैनात परियोजना अधिकारी धीरेन्द्र सिंह पटवाल को 40 हजार रुपये...