19.9 C
Dehradun
Sunday, May 31, 2026


spot_img

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को दी अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मातृ शक्ति के सहयोग के बिना किसी भी समाज अथवा राष्ट्र का संपूर्ण विकास नहीं हो सकता। भारत वर्ष में अनादिकाल से महिलाओं की शक्ति के रूप में पूजा की जाती रही है, महिला समाज की मार्ग दर्शक के साथ ही प्रेरणा का स्त्रोत भी है।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के साथ विशेष रूप से मातृशक्ति को शुभकामनायें देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला शक्ति राष्ट्र शक्ति है। नारी को हमारे शास्त्रों में महिलाओं के सम्मान में कहा गया है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता यानि जहां नारियों की पूजा होती है वहां देवताओ का वास होता है। महिलाओ के बेहतर भविष्य के लिए उनका वर्तमान संवारने के लिए राज्य सरकार द्वारा कारगर प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 मार्च का दिन दुनिया की आधी आबादी के नाम समर्पित है। यह दिन समाज के उस बडे हिस्से के लिए महत्वपूर्ण है जिसके बिना संसार की कल्पना अधूरी रह जाती है। हमारी सरकार मातृशक्ति के उत्थान को समर्पित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण हेतु अनेक योजनाएं संचालित किये जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्जवला योजना समेत अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उसी दिशा में राज्य सरकार भी महिलाओं के हितों में अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है ताकि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में महिलाओं को बराबरी के अवसर प्राप्त हो सके।

इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी योजना, नंदा गौरा मातृवंदना योजना और महिला पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को विधानसभा में पारित कर जनता से किया वादा पूरा किया है। यह महिलाओं के सम्मान से जुड़ा कानून भी हैं। समान नागरिक संहिता किसी जाति, धर्म-समुदाय के लिए न होकर पूरे राज्यवासियों के हितों के लिए है। आज प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों तक गांव-गांव में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर कुटीर उद्योगों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं। महिलाओं के पास कौशल की कभी कोई कमी नहीं रही और अब यही कौशल उनकी आर्थिकी को मजबूती प्रदान कर रहा है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की संभावनाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट

0
नई दिल्ली। अमरीका और ईरान के बीच तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने वाले एक संभावित समझौते की उम्मीदों के...

उर्वरकों के उचित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए खेत बचाओ अभियान सोमवार से...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि और किसान कल्‍याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खेत बचाओ अभियान में खेतों, किसानों और गांवों को...

संचार मंत्री ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर स्मारक डाक टिकट...

0
नई दिल्ली। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज नई दिल्ली में पहले हिंदी...

कार खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत, तीन घायल

0
देहरादून। शनिवार सुबह करीब चार बजे लोहाजंग सड़क पर ल्वाणी के पास एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इसमें बांक गांव...

धामी सरकार की झीलों को नई पहचान देने की तैयारी, भीमताल, नौकुचियाताल और कमलताल...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में नैनीताल जिले में झीलों के संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने...